डोमिनिकन गणराज्य के जुआन डोलियो में आयोजित नॉर्सेका अंडर-18 बीच वॉलीबॉल चैंपियनशिप ने युवा प्रतिभाओं को अपना कौशल दिखाने का एक शानदार मंच प्रदान किया। इस प्रतियोगिता में, कनाडा के मिशा पनासिओक और ब्राइस किम की जोड़ी ने पुरुषों की श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया, जो उनके अटूट दृढ़ संकल्प और एफआईवीबी (FIVB) के “वॉलीबॉल सशक्तिकरण” कार्यक्रम के महत्वपूर्ण समर्थन का सीधा परिणाम है। यह सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि भविष्य के सितारों के लिए एक निवेश है, यह दर्शाता है कि सही दिशा में मिला प्रोत्साहन कितनी बड़ी उपलब्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
कनाडाई पुरुषों का ऐतिहासिक सफर: रेत से पोडियम तक
पनासिओक और किम की यात्रा किसी रोलरकोस्टर से कम नहीं थी। उन्होंने चैंपियनशिप के सेमीफाइनल तक अजेय रहते हुए चार लगातार मैच जीते। सेमीफाइनल में उन्हें मेक्सिको के एडुआर्डो एस्कॉटो और जोस लुइस बोजोरक्वेज़ के खिलाफ 2-1 (14-21, 21-18, 15-12) की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। यह मैच उनकी दृढ़ता का प्रमाण था, क्योंकि उन्होंने पहला सेट गंवाने के बावजूद शानदार वापसी की और पोडियम पर अपनी जगह पक्की की। यह सफलता कोच जोश निकोल के मार्गदर्शन में कनाडाई वॉलीबॉल फेडरेशन को मिली 168,000 अमेरिकी डॉलर की एफआईवीबी सहायता का प्रत्यक्ष प्रमाण भी है, जो युवा प्रतिभाओं के पोषण में निवेश की शक्ति को दर्शाता है। फाइनल में, उन्हें यूएसए के मैटिक्स विलियम्स और कोल्टन मॉर्टेंसन की मजबूत जोड़ी से 2-0 (21-15, 21-15) से हार मिली, लेकिन रजत पदक अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है और कनाडाई बीच वॉलीबॉल के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
पुरुषों की श्रेणी में अन्य पदक विजेता
स्वर्ण पदक विजेता यूएसए की जोड़ी, मैटिक्स विलियम्स और कोल्टन मॉर्टेंसन ने एक दिलचस्प रणनीति अपनाई। अपने शुरुआती पूल गेम में एस्कॉटो और बोजोरक्वेज़ से हारने के बावजूद, उन्होंने लगातार पांच सीधे सेटों में जीत दर्ज कर वापसी की और महाद्वीपीय चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। सेमीफाइनल में उन्होंने निकारागुआ के जस्टिन बैरिओस और एडगर होलमन को 2-0 (21-11, 21-10) से हराया। कांस्य पदक मेक्सिको के एस्कॉटो और बोजोरक्वेज़ ने हासिल किया, जिन्होंने बैरिओस और होलमन को 2-0 (21-15, 21-19) से हराकर तीसरा स्थान सुरक्षित किया। यह दर्शाता है कि एक प्रारंभिक ठोकर भी अंतिम जीत की राह में बाधा नहीं बन सकती, यदि इरादे मजबूत हों।
महिला वर्ग में अमेरिकी प्रभुत्व और कनाडाई कांस्य
महिलाओं की प्रतियोगिता में भी रोमांच कम नहीं था। यूएसए की जॉर्डिन स्क्रिबनर और एला ग्रिम्स की जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए छह मैच जीते और स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। उन्होंने सेमीफाइनल में कनाडा की रूबी कोचरन और सोफी हैंकॉक के खिलाफ 2-1 (23-25, 21-12, 15-11) से जीत दर्ज की, जहां उन्होंने अपना एकमात्र सेट गंवाया। यह एक महत्वपूर्ण मोड़ था जो उनकी लचीलापन दर्शाता है। फाइनल में उनका मुकाबला मेक्सिको की एंजेला पेरेज़ और मेलिना रोमन से हुआ, जिसे उन्होंने 2-0 (22-20, 21-16) से जीता। कनाडा की रूबी कोचरन और सोफी हैंकॉक ने कांस्य पदक के मैच में प्यूर्टो रिको की इट्ज़ामर अराना और यामिला गोंजालेज को 2-1 (21-10, 15-21, 15-10) से हराकर पोडियम पर अपनी जगह बनाई। यह महिला वर्ग में उभरती हुई प्रतिभाओं का भी प्रदर्शन था।
निष्कर्ष: युवा प्रतिभाओं का वैश्विक मंच
डोमिनिकन गणराज्य के जुआन डोलियो में आयोजित यह नॉर्सेका अंडर-18 बीच वॉलीबॉल चैंपियनशिप मात्र एक खेल प्रतियोगिता से कहीं अधिक थी। इसमें 17 विभिन्न राष्ट्रीय महासंघों का प्रतिनिधित्व करने वाली 13 पुरुष और 14 महिला टीमों ने भाग लिया, जो खेल के वैश्विक दायरे और युवा प्रतिभाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच के महत्व को दर्शाता है। ये युवा खिलाड़ी, जिन्होंने रेत पर अपनी छाप छोड़ी, आने वाले समय में अपने देशों के लिए ओलंपिक पोडियम पर खड़े हो सकते हैं। इस तरह के टूर्नामेंट न केवल प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि सही समर्थन और समर्पण के साथ, एक रेत का मैदान भी सितारों के लिए लॉन्चपैड बन सकता है। यह खेल की दुनिया में एक सतत निवेश का प्रतीक है, जहां आज के युवा एथलीट कल के चैंपियन बनते हैं।
