वॉलीबॉल नेशंस लीग 2024: अंतिम मिनटों का रोमांच और स्लोवेनिया-क्यूबा का निंगबो सफर

खेल समाचार » वॉलीबॉल नेशंस लीग 2024: अंतिम मिनटों का रोमांच और स्लोवेनिया-क्यूबा का निंगबो सफर

वॉलीबॉल के मैदान पर जुनून, पसीना और रोमांच का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। `वॉलीबॉल नेशंस लीग` (VNL) 2024 का प्रिलिमिनरी चरण हाल ही में समाप्त हुआ है, और यह कहना गलत नहीं होगा कि इसने खेल प्रेमियों को अपनी सीटों से हिलने नहीं दिया। अंतिम क्षणों तक जारी सस्पेंस के बाद, दो ऐसी टीमें – स्लोवेनिया और क्यूबा – जिन्होंने FIVB के `वॉलीबॉल एम्पावरमेंट` कार्यक्रम से सहायता प्राप्त की है, ने चीन के निंगबो में होने वाले प्रतिष्ठित VNL फाइनल्स में अपनी जगह पक्की कर ली है। यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, सही निवेश और खेल की अप्रत्याशितता की कहानी है।

FIVB एम्पावरमेंट: सपनों को पंख देने की पहल

फेडरेशन इंटरनेशनेल डी वॉलीबॉल (FIVB) का `वॉलीबॉल एम्पावरमेंट` कार्यक्रम उन देशों को सहायता प्रदान करता है, जहां वॉलीबॉल में अपार क्षमता है लेकिन संसाधनों की कमी है। स्लोवेनियाई वॉलीबॉल फेडरेशन को पुरुष राष्ट्रीय टीम के कोच के लिए $714,000 की बड़ी राशि मिली, जबकि क्यूबा को भी अपने पुरुष वॉलीबॉल टीम के लिए $35,000 की सहायता प्राप्त हुई। यह आर्थिक सहायता केवल पैसे नहीं, बल्कि विश्वास और अवसर का प्रतीक है, जिसने इन टीमों को बड़े मंच पर चमकने का मौका दिया। यह दिखाता है कि जब सही दिशा में निवेश किया जाता है, तो परिणाम कितने सुखद हो सकते हैं।

स्लोवेनिया का नाटकीय सफर: किस्मत और दृढ़ता का मेल

प्रिलिमिनरी चरण का अंतिम सप्ताह किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था। क्वार्टर फाइनल के लिए सिर्फ तीन स्थान बाकी थे और आठ टीमें दौड़ में थीं। स्लोवेनिया का सफर तो मानों भाग्य के भरोसे चल रहा था। अपने घरेलू मैदान लुब्लियाना में सर्बिया के खिलाफ उनका अंतिम मुकाबला सांस रोक देने वाला था। 3-2 (25-21, 23-25, 23-25, 25-18, 17-15) के स्कोर के साथ स्लोवेनिया ने यह मैच जीता, और वह भी एक नाटकीय टाई-ब्रेकर सेट में 17-15 से! सोचिए, अगर सर्बिया यह टाई-ब्रेकर जीत जाता, तो निंगबो का टिकट ईरान को मिल जाता। इस जीत के हीरो थे स्टार आउटसाइड हिटर रोक मोज़िक। उनके लिए यह सफर आसान नहीं था; कनाडा और नीदरलैंड्स पर जीत के बाद उन्हें इटली से हार मिली थी, और सर्बिया के खिलाफ उनका भविष्य दांव पर था। लेकिन, जैसा कि कहते हैं, खेल में किस्मत का भी एक बड़ा हाथ होता है, और रविवार को कुछ अन्य टीमों की हार ने स्लोवेनिया के लिए राह आसान कर दी। यह एक क्लासिक उदाहरण है कि खेल में कभी-कभी `दूसरों की गलतियां` भी आपके लिए वरदान साबित हो सकती हैं।

क्यूबा की जुझारू कहानी: मार्लन यान्ट का चमकता सितारा

क्यूबा की कहानी भी कम रोमांचक नहीं थी। ग्डांस्क में उनके सप्ताह की शानदार शुरुआत हुई, जहां उन्होंने बुल्गारिया को पांच सेटों में हराया और फिर मेजबान पोलैंड को चार सेटों में हराकर एक बड़ा उलटफेर किया। मौजूदा VNL चैंपियन और ओलंपिक विजेता फ्रांस को भी उन्होंने पांच सेटों तक खींचा, हालांकि अंत में उन्हें हार माननी पड़ी। चीन के खिलाफ रविवार को मिली एक और पांच-सेट की हार ने उनके सस्पेंस को बनाए रखा। लेकिन, किस्मत एक बार फिर उनके साथ थी, जब यूक्रेन और बुल्गारिया ने अपने महत्वपूर्ण मैच गंवा दिए, जिससे क्यूबा ने कट-ऑफ लाइन से ऊपर अपनी जगह बना ली।

क्यूबा के आउटसाइड हिटर मार्लन यान्ट तो इस पूरे प्रilिमिनरी चरण के चमकते सितारे रहे। उन्होंने 237 पॉइंट्स (200 स्पाइक किल्स, 22 किल ब्लॉक्स, और 15 सर्विस एसेस) के साथ टॉप स्कोरर का खिताब हासिल किया – अपनी मेहनत और प्रतिभा का एक जीता-जागता सबूत। यह दिखाता है कि व्यक्तिगत प्रतिभा पूरे टीम के प्रदर्शन को कितना ऊपर उठा सकती है, भले ही सामूहिक रूप से कुछ उतार-चढ़ाव क्यों न हों।

शीर्ष आठ टीमें: अब निंगबो में होगी असली टक्कर

अंतिम प्रिलिमिनरी चरण की अंक तालिका में स्लोवेनिया 7-5 के जीत-हार रिकॉर्ड और 19 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहा, जबकि क्यूबा 6-6 और 20 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहा। शीर्ष पर ब्राजील (11-1, 32 अंक) रहा, जिसके बाद इटली (10-2, 28), फ्रांस (8-4, 24), जापान (8-4, 23) और पोलैंड (8-4, 23) रहे। मेजबान चीन, भले ही 3-9 के रिकॉर्ड के साथ 17वें स्थान पर रहा, लेकिन मेजबान होने के नाते उन्हें क्वार्टर फाइनल में सीधी एंट्री मिल गई है। दुखद बात यह रही कि नीदरलैंड्स 1-11 के निराशाजनक प्रदर्शन के साथ तालिका में सबसे नीचे रहा और अगले VNL सीजन में खेलने का अधिकार खो दिया। यह खेल का क्रूर सत्य है: प्रदर्शन नहीं तो जगह नहीं।

आगे क्या? निंगबो में फाइनल का महासंग्राम

अब निगाहें निंगबो पर हैं, जहां 30 जुलाई से 3 अगस्त तक VNL फाइनल्स का महासंग्राम होगा। क्वार्टर फाइनल के मुकाबले कुछ इस प्रकार होंगे:

  • ब्राजील बनाम चीन
  • इटली बनाम क्यूबा
  • फ्रांस बनाम स्लोवेनिया
  • जापान बनाम पोलैंड

यह VNL का प्रिलिमिनरी चरण हमें बताता है कि खेल में कभी भी कुछ भी हो सकता है। स्लोवेनिया और क्यूबा की यात्रा उन सभी टीमों के लिए एक प्रेरणा है, जो कम संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं। FIVB का `एम्पावरमेंट` कार्यक्रम ऐसे सपनों को पंख देता है, और यह दिखाता है कि सही समर्थन मिलने पर टीमें कैसे असंभव को भी संभव बना सकती हैं। निंगबो में होने वाले फाइनल्स निश्चित रूप से वॉलीबॉल इतिहास के कुछ सबसे यादगार मुकाबलों में से एक होंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम दबाव में बेहतर प्रदर्शन करती है और आखिरकार VNL का ताज अपने नाम करती है। तैयार रहिए, क्योंकि वॉलीबॉल का असली रोमांच अभी बाकी है!

धीरज मेहता

धीरज मेहता नई दिल्ली के एक खेल पत्रकार हैं जिन्हें बारह साल का अनुभव है। कबड्डी की स्थानीय प्रतियोगिताओं की कवरेज से शुरुआत करने वाले धीरज अब क्रिकेट, फुटबॉल और फील्ड हॉकी पर लिखते हैं। उनके लेख रणनीतिक विश्लेषण में गहराई से जाने के लिए जाने जाते हैं। वे एक साप्ताहिक खेल कॉलम लिखते हैं और लोकप्रिय खेल पोर्टल्स के साथ सक्रिय रूप से काम करते हैं।