सिंगापुर ग्रांड प्रिक्स हमेशा से रोमांच और अप्रत्याशित घटनाओं के लिए जाना जाता है, और इस साल का क्वालिफाइंग राउंड भी इससे अछूता नहीं रहा। फॉर्मूला 1 की दुनिया में एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है, जहाँ प्रतिष्ठित विलियम्स रेसिंग टीम को शनिवार के क्वालिफाइंग सत्र के परिणामों से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। यह फैसला टीम और उनके ड्राइवरों एलेक्स एल्बोन और कार्लोस सैन्ज़ के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि अब उन्हें रविवार की रेस में ग्रिड के बिलकुल पीछे से शुरुआत करनी होगी।
डीआरएस (DRS) का खेल: आखिर क्या हुई गलती?
अयोग्यता का कारण तकनीकी नियमों का उल्लंघन बताया गया है। फॉर्मूला 1 में “ड्रैग रिडक्शन सिस्टम” (DRS) एक महत्वपूर्ण तकनीक है जो ओवरटेकिंग में मदद करती है। रेस के दौरान, आगे वाली कार से एक सेकंड के भीतर रहने पर ड्राइवर अपनी रियर विंग (पिछली पंख) का एक फ्लैप खोल सकता है, जिससे कार पर हवा का खिंचाव (ड्रैग) कम होता है और सीधी पटरियों पर गति बढ़ती है। क्वालिफाइंग के दौरान भी सर्किट के कुछ निर्धारित ज़ोन में डीआरएस का उपयोग करने की अनुमति होती है।
नियमों के अनुसार, इस फ्लैप की अधिकतम खुलने की सीमा 85 मिलीमीटर है। लेकिन क्वालिफाइंग के बाद हुई जाँच में पाया गया कि विलियम्स की दोनों कारों – एलेक्स एल्बोन और कार्लोस सैन्ज़ की – की रियर विंग पर डीआरएस फ्लैप इस निर्धारित सीमा से अधिक खुला था।
FIA की सख्ती और विलियम्स की स्वीकारोक्ति
रेस के अधिकारियों, जिन्हें `स्टीवर्ड्स` कहा जाता है, ने अपने बयान में कहा, “क्वालिफाइंग के बाद की जाँच के दौरान, कार के रियर विंग को तकनीकी नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया।” उन्होंने स्पष्ट किया कि डीआरएस अपनी अधिकतम सीमा 85 मिमी से अधिक खुला हुआ था। सुनवाई के दौरान, विलियम्स टीम ने स्वीकार किया कि उनके अपने माप (जो क्वालिफाइंग से पहले किए गए थे) ने उपकरण को सहिष्णुता के भीतर दिखाया था, लेकिन FIA के अधिकारियों द्वारा बाद में किए गए माप में निर्धारित सीमा से अधिक गैप पाया गया।
टीम ने FIA की माप प्रक्रिया, कार्यप्रणाली या उपयोग किए गए उपकरण की सटीकता पर कोई विवाद नहीं किया। उन्होंने FIA के परिणामों को पूरी तरह स्वीकार किया और माना कि उनकी कारों में फिट किया गया रियर विंग तकनीकी नियमों का पालन नहीं कर रहा था। यह दर्शाता है कि फॉर्मूला 1 में तकनीकी बारीकियों का कितना महत्व है, जहाँ मिलीमीटर का अंतर भी रेस के भविष्य को तय कर सकता है।
कड़ी मेहनत पर पानी फिरना: अब पीछे से होगी शुरुआत
एलेक्स एल्बोन ने क्वालिफाइंग में 12वाँ स्थान हासिल किया था, जबकि कार्लोस सैन्ज़ 13वें स्थान पर रहे थे। यह प्रदर्शन टीम के लिए उत्साहवर्धक था, लेकिन अब इस अयोग्यता के कारण उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। उन्हें रविवार की रेस में ग्रिड के बिलकुल अंतिम छोर से शुरुआत करनी होगी, जो सिंगापुर जैसे चुनौतीपूर्ण ट्रैक पर अंक हासिल करने की उनकी संभावनाओं को काफी कम कर देता है। F1 में हर स्थान महत्वपूर्ण होता है, और पीछे से शुरुआत करना किसी युद्ध में बिना हथियारों के जाने जैसा है – चुनौती तो है ही, साथ ही थोड़ी बहुत `किस्मत` भी चाहिए।
विलियम्स टीम प्रिंसिपल जेम्स वाउल्स का बयान: “कोई प्रदर्शन लाभ नहीं चाहा था”
इस फैसले के बाद, विलियम्स टीम के प्रिंसिपल जेम्स वाउल्स ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि उनकी टीम का उद्देश्य कोई प्रदर्शन लाभ प्राप्त करना नहीं था। उन्होंने कहा, “क्वालिफाइंग के बाद FIA की जाँच में हमारी दोनों कारों के रियर विंग्स डीआरएस स्लॉट गैप जाँच में विफल रहे। परिणामस्वरूप, एलेक्स और कार्लोस को कल के सिंगापुर ग्रांड प्रिक्स के क्वालिफाइंग से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। यह टीम के लिए बेहद निराशाजनक है और हम इस गलती के पीछे के कारण की तुरंत जाँच कर रहे हैं।”
वाउल्स ने आगे कहा, “हमने किसी भी बिंदु पर कोई प्रदर्शन लाभ नहीं चाहा था, और रियर विंग्स ने दिन में पहले हमारे अपने चेक पास कर लिए थे, लेकिन केवल एक माप मायने रखता है और हम FIA के फैसले को पूरी तरह स्वीकार करते हैं।” उन्होंने दृढ़ता से कहा कि टीम इस सप्ताहांत अंक हासिल करने में सक्षम है और वे पीछे से लड़ते हुए सब कुछ करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसी गलती दोबारा न हो।
आगे क्या? रेस में वापसी की चुनौती
विलियम्स के लिए यह एक कठिन चुनौती है, लेकिन फॉर्मूला 1 में कभी-कभी सबसे अप्रत्याशित परिणाम भी देखने को मिलते हैं। क्या एल्बोन और सैन्ज़ अपनी कारों को ग्रिड के पीछे से आगे बढ़ा पाएंगे और कुछ अंक हासिल कर पाएंगे? रविवार की रेस उनकी दृढ़ता, रणनीति और थोड़ी सी किस्मत की भी परीक्षा होगी। F1 की दुनिया में, `तकनीकी नियमों का मामूली उल्लंघन` जैसी छोटी सी बात भी एक पूरी टीम की उम्मीदों पर पानी फेर सकती है।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि फॉर्मूला 1 सिर्फ गति और कौशल का खेल नहीं है, बल्कि यह तकनीकी सटीकता और नियमों के पालन का भी उतना ही महत्वपूर्ण मंच है। सिंगापुर ग्रांड प्रिक्स की रेस में विलियम्स का प्रदर्शन देखना दिलचस्प होगा।
