एक समय था जब शतरंज को केवल शांत कमरों और लाइब्रेरी की दीवारों तक सीमित माना जाता था। दिमागी कसरत का यह खेल अक्सर बौद्धिक अभिजात्य वर्ग का पर्याय समझा जाता था। लेकिन अब, समय के साथ-साथ बिसात का यह खेल डिजिटल अखाड़े में उतर चुका है, जहाँ खिलाड़ी केवल प्रतिष्ठा के लिए नहीं, बल्कि लाखों डॉलर की इनामी राशि के लिए भी दिमाग की जंग लड़ रहे हैं। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं एस्पोर्ट्स विश्व कप 2025 की, जहाँ शतरंज ने पहली बार अपनी शानदार प्रविष्टि दर्ज की है। कौन कहता है कि दिमाग के खेल में `एक्शन` नहीं होता?
शतरंज का एस्पोर्ट्स अवतार: एक नया अध्याय
रियाद, सऊदी अरब, में जुलाई और अगस्त में आयोजित हो रहा यह एस्पोर्ट्स विश्व कप केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि शतरंज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। 2022 में `गेमर्स8` के नाम से शुरू हुई इस टूर्नामेंट श्रृंखला में, इस वर्ष शतरंज को पहली बार शामिल किया गया है। यह दिखाता है कि कैसे पारंपरिक खेल भी आधुनिक तकनीक और प्रतिस्पर्धी भावना के साथ मिलकर वैश्विक मंच पर चमक सकते हैं, और यह भी कि शतरंज कोई `बुजुर्गों का खेल` नहीं रह गया है।
क्या आप जानते हैं? इस टूर्नामेंट को चैंपियंस चेस टूर के अंतिम पड़ाव के रूप में भी देखा जा रहा है। इसका मतलब है कि यहां दांव पर सिर्फ विश्व कप का खिताब नहीं, बल्कि पूरे साल की मेहनत का फल भी है।
इनामी राशि और वैश्विक पहचान
इस टूर्नामेंट का कुल इनामी फंड $1.5 मिलियन (लगभग 12.5 करोड़ रुपये) है, जिसमें विजेता को अकेले $250,000 (लगभग 2 करोड़ रुपये) मिलेंगे। कल्पना कीजिए, एक शतरंज खिलाड़ी केवल एक टूर्नामेंट जीतकर इतनी बड़ी राशि कमा सकता है! यहां तक कि 13वें से 16वें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को भी कम से कम $50,000 मिलेंगे, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए एक शानदार प्रेरणा है। यह राशि न केवल खिलाड़ियों को आकर्षित करती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि ई-शतरंज का बाजार कितना बड़ा और आकर्षक हो चुका है।
दिलचस्प बात यह है कि यहां सिर्फ व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा नहीं है, बल्कि सभी एस्पोर्ट्स विधाओं में टीमों की रैंकिंग के लिए भी परिणाम मायने रखते हैं। यह शतरंज को एक व्यक्तिगत खेल से आगे बढ़कर एक सामूहिक प्रयास के रूप में भी प्रस्तुत कर रहा है, जहाँ हर चाल एक टीम के लिए मायने रखती है।
भारतीय ग्रैंडमास्टरों की दहाड़
भारतीय शतरंज प्रेमियों के लिए यह टूर्नामेंट विशेष रूप से रोमांचक है। हमारे अपने युवा ग्रैंडमास्टर जैसे एरिगैसी अर्जुन (Erigaisi Arjun) और निहाल सरीन (Nihal Sarin) इस वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। एरिगैसी अर्जुन, जिनकी एलो रेटिंग 2776 है, और निहाल सरीन, जिनकी रेटिंग 2692 है, ने ग्रुप ए में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। ऐसे भारतीय सितारों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकते देखना देश के लिए गौरव की बात है।
टूर्नामेंट में अन्य शीर्ष खिलाड़ियों में लेवोन आरोनियन, व्लादिस्लाव आर्तेमीव, इयान नेपोमनिआत्ची, आंद्रे एस्पेंको, मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव और अनीश गिरि जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों के बीच होने वाले मुकाबले शतरंज प्रेमियों के लिए किसी पर्व से कम नहीं हैं।
महत्वपूर्ण मुकाबले और भविष्य की झलक
टूर्नामेंट का कार्यक्रम सघन और रोमांच से भरपूर है। 29 जुलाई, 2025 को अपर ब्रैकेट के सेमीफाइनल में आंद्रे एस्पेंको का मुकाबला इयान नेपोमनिआत्ची से और व्लादिस्लाव आर्तेमीव का सामना लेवोन आरोनियन से हुआ। उसी दिन अपर ब्रैकेट का फाइनल भी खेला जाएगा। इसके बाद 30 जुलाई, 2025 को लोअर ब्रैकेट के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले होंगे, जो टूर्नामेंट को अपने चरम पर ले जाएंगे। हर चाल, हर निर्णय, हर सेकंड निर्णायक साबित हो रहा है।
यह एस्पोर्ट्स विश्व कप चेस.कॉम के साथ साझेदारी में हो रहा है, जो ऑनलाइन शतरंज के बढ़ते प्रभाव और पहुंच को दर्शाता है। आज, आप दुनिया के किसी भी कोने से बैठकर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को लाइव देख सकते हैं, उनकी चालों का विश्लेषण कर सकते हैं, और इस `राजाओं के खेल` के डिजिटल रूप का आनंद ले सकते हैं।
रियाद में हो रहा यह ऐतिहासिक आयोजन शतरंज के भविष्य की एक झलक है। यह दिखाता है कि कैसे एक पारंपरिक और बौद्धिक खेल भी एस्पोर्ट्स के बढ़ते ज्वार में अपनी जगह बना सकता है, युवाओं को आकर्षित कर सकता है और उन्हें एक नई तरह की प्रतिस्पर्धी भावना से जोड़ सकता है। अब शतरंज केवल बोर्ड पर बिछी बिसात का खेल नहीं, बल्कि एक चमकते, तेज-तर्रार और आकर्षक डिजिटल युद्ध का मैदान बन चुका है, जहां दिमाग ही सबसे बड़ा हथियार है।
