मिलान का सैन सिरो स्टेडियम, जिसे अक्सर `फुटबॉल के गिरजाघर` के रूप में जाना जाता है, अब अपने भविष्य के मोड़ पर खड़ा है। इंटर और एसी मिलान के लिए एक नए युग की शुरुआत या एक ऐतिहासिक स्थल का अंतिम विध्वंस? यह कहानी सिर्फ ईंटों और कंक्रीट की नहीं, बल्कि परंपरा, प्रगति और इतालवी फुटबॉल के जुनून की है।
सैन सिरो का भविष्य अधर में: 10 नवंबर की समय-सीमा
मिलान नगर परिषद ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसके तहत सैन सिरो स्टेडियम की बिक्री दोनों क्लबों, इंटर मिलान और एसी मिलान, को की जाएगी। यह निर्णय मिलान के फुटबॉल परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है, लेकिन इसके साथ ही कई सवाल भी खड़े हो गए हैं: क्या `मेज़ा` स्टेडियम को ध्वस्त किया जाएगा? इसकी समय-सीमा क्या होगी? और क्या कोई इस प्रक्रिया को रोकने की कोशिश करेगा?
स्टेडियम की बिक्री को 10 नवंबर, 2025 तक पूरा करना अनिवार्य है। यह तारीख अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन से `सुपरिंटेंडेंसी फॉर द मेट्रोपॉलिटन सिटी ऑफ मिलान` द्वारा स्टेडियम की दूसरी रिंग पर एक प्रतिबंध लागू हो जाएगा। यदि उस दिन तक मेज़ा स्टेडियम सार्वजनिक संपत्ति बना रहता है, तो उसे ध्वस्त नहीं किया जा सकेगा। यह एक ऐसी चुनौती है जो मिलान के फुटबॉल प्रशंसकों को भावनाओं के भंवर में छोड़ देती है।
एक नया स्टेडियम, एक नई पहचान: 2031 का लक्ष्य
मिलान के दोनों फुटबॉल क्लब अब एक नए, अत्याधुनिक स्टेडियम की कल्पना कर रहे हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विश्व-प्रसिद्ध आर्किटेक्चर फर्मों, मैनिका और फोस्टर+पार्टनर्स, को चुना गया है। लक्ष्य है 2031 तक एक नया, 71,500 सीटों वाला स्टेडियम तैयार करना। यह सिर्फ एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं, बेहतरीन दर्शक अनुभव और क्लबों के लिए राजस्व का एक नया स्रोत होगा।
नया स्टेडियम मौजूदा सैन सिरो के पार्किंग क्षेत्र में बनाया जाएगा। निर्माण कार्य 2027 की पहली छमाही में शुरू होने की उम्मीद है, और अगले चार साल तक चलेगा। इस दौरान, मिलान के प्रशंसक एक अनोखा अनुभव देखेंगे: दो स्टेडियम एक साथ खड़े होंगे – एक अपनी गौरवशाली विरासत समेटे हुए, दूसरा भविष्य की ओर अग्रसर। यह मिलान के क्षितिज पर अतीत और भविष्य का एक अद्भुत संगम होगा।
चुनौतियाँ और विरोध: अदालती लड़ाई का अंदेशा
हालांकि, यह राह आसान नहीं है। नए स्टेडियम के निर्माण में कई बाधाएं आने की संभावना है। परियोजना को नगर पालिका, क्षेत्र, क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण एजेंसी और अन्य निकायों सहित कई प्राधिकरणों से अनुमोदन प्राप्त करना होगा। यह एक लंबी और जटिल प्रक्रिया है।
सैन सिरो को मिलान के फुटबॉल के घर के रूप में बनाए रखने के समर्थक, निश्चित रूप से, कई कानूनी अपील दायर करेंगे। स्टेडियम का भविष्य अदालतों में भी तय हो सकता है, जहां परंपरा और प्रगति के बीच एक महत्वपूर्ण लड़ाई लड़ी जाएगी। कुछ प्रशंसकों को चिंता है कि नया स्टेडियम संगीत समारोहों और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों की मेजबानी नहीं कर पाएगा, जिससे मिलान एक महत्वपूर्ण मनोरंजन स्थल खो देगा। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि क्लब अपने स्टेडियम को इन आयोजनों के लिए किराए पर देकर अतिरिक्त राजस्व कमाना चाहेंगे।
क्या आपको पता है? रियल मैड्रिड के `बर्नाब्यू` और बार्सिलोना के `कैंप नोउ` जैसे विशाल स्टेडियमों का आधुनिकीकरण किया गया है। लेकिन सैन सिरो के मामले में, ऐसा लगता है कि “कम लागत” एक नया निर्माण है, जो इतालवी नौकरशाही की अपनी एक विशेष शैली को दर्शाता है।
सैन सिरो का विध्वंस: क्या बचेगा?
यदि नया स्टेडियम 2031 तक तैयार हो जाता है, तो सैन सिरो को अगले 12 महीनों के भीतर ध्वस्त कर दिया जाएगा। योजना के अनुसार, विध्वंस छत से शुरू होगा, फिर तीसरी, दूसरी और अंत में पहली रिंग को हटाया जाएगा।
लेकिन सब कुछ नहीं मिटेगा। स्टेडियम का दक्षिण-पूर्वी कोना, नारंगी स्टैंड और कुर्व सुद का कुछ हिस्सा बचा रहेगा। यह एक ऐसा स्मारक होगा जो मिलान के फुटबॉल इतिहास की याद दिलाता रहेगा – उन लाखों पलों की, जिनमें गोल दागे गए, जीत का जश्न मनाया गया, और हार के आँसू बहे। यह उस फुटबॉल भावना का प्रतीक होगा जो कभी सैन सिरो की दीवारों में गूँजती थी।
यूरो 2032 और इटली के स्टेडियमों का भविष्य
यह पूरी कवायद इटली और तुर्की द्वारा संयुक्त रूप से यूरो 2032 की मेजबानी के संदर्भ में भी देखी जा रही है। वर्तमान में, इटली में केवल जुवेंटस स्टेडियम ही यूईएफए की आवश्यकताओं को 100% पूरा करता है। सैन सिरो यूईएफए के मानदंडों को पूरा नहीं करता, लेकिन नया स्टेडियम निश्चित रूप से करेगा। यूईएफए के अध्यक्ष अलेक्जेंडर सेफेरिन की निगाहें मिलान नगर परिषद के निर्णय पर टिकी थीं, क्योंकि यह इटली की मेजबानी की क्षमता पर सीधा प्रभाव डालेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इटली इस अवसर का उपयोग अपने स्टेडियम इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए करेगा, या फिर कुछ दशकों के बाद भी यह मुद्दा जस का तस बना रहेगा।
आर्थिक और सामाजिक आयाम
स्थानीय निवासियों और कुछ टिप्पणीकारों के बीच एक और चिंता का विषय मिलान में संपत्ति की कीमतों पर इसका प्रभाव है। सार्वजनिक भूमि को अमेरिकी फंडों को “दो यूरो” में बेचने और उनसे अरबों का लाभ कमाने की संभावना पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या शहर खुद ही इन क्षेत्रों का पुनर्विकास नहीं कर सकता था। यह चिंता इस बात पर प्रकाश डालती है कि बड़े पैमाने की शहरी परियोजनाओं का न केवल खेल बल्कि सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। मिलान जैसे शहर में, जहाँ घर महंगे होते जा रहे हैं, ऐसे बड़े विकास हमेशा एक बहस का विषय बनते हैं।
अंततः, सैन सिरो की कहानी सिर्फ एक स्टेडियम के बदलाव की नहीं है, बल्कि एक शहर के विकास, एक खेल के बदलते स्वरूप और परंपरा तथा प्रगति के बीच संतुलन की एक जटिल गाथा है। मिलान फुटबॉल के इतिहास के एक युग का अंत देख रहा है, जबकि साथ ही एक नए, आधुनिक भविष्य की नींव रख रहा है।
