पहला कदम: उम्मीदों का भार (2019-2020)
लैंडो नॉरिस का F1 में सफर 2019 में शुरू हुआ, जब उन्होंने मैकलारेन के युवा ड्राइवर प्रोग्राम से सीधे रेसिंग सीट हासिल की। अपने पहले साथी कार्लोस सैन्ज़ (Carlos Sainz) के साथ, नॉरिस ने ऑस्ट्रेलियाई ग्रांड प्रिक्स में डेब्यू किया। हालांकि वह 12वें स्थान पर रहे, लेकिन उनकी गति ने जल्द ही सबको प्रभावित किया।
अगली ही रेस, 2019 बहरीन ग्रांड प्रिक्स, में उन्होंने अपने पहले F1 अंक (पॉइंट्स) अर्जित किए। यह युवा ड्राइवर शीर्ष पांच दिग्गजों – लुईस हैमिल्टन, वाल्टेरी बोटास, चार्ल्स लेक्लर्क, मैक्स वेरस्टैपेन और सेबेस्टियन वेट्टल – के ठीक पीछे छठवें स्थान पर रहा। यहां से नॉरिस की प्रतिष्ठा एक ऐसे चालक के रूप में स्थापित हुई जो भविष्य में बड़े नाम बनने जा रहा था।
2020 ऑस्ट्रियन ग्रांड प्रिक्स में नॉरिस ने पहली बार पोडियम (शीर्ष तीन फिनिश) का स्वाद चखा। यह भी कम नाटकीय नहीं था। हैमिल्टन को एलेक्स एल्बन से टक्कर के कारण पांच सेकंड की पेनल्टी मिली, और नॉरिस, जो उनसे 4.8 सेकंड पीछे थे, इस पेनल्टी के कारण तीसरे स्थान पर पहुँच गए। पोडियम पर यह उनकी पहली, और शायद सबसे अप्रत्याशित, उपस्थिति थी। तब वह F1 इतिहास में तीसरे सबसे युवा पोडियम फिनिशर थे।
जीत की दहलीज पर लड़खड़ाना: रूसी ग्रांड प्रिक्स 2021 का दर्द
नॉरिस के करियर में जीत और हार का मार्मिक मिश्रण 2021 रूसी ग्रांड प्रिक्स में देखने को मिला। सोची में बारिश से प्रभावित वीकेंड पर उन्होंने अपनी पहली पोल पोजीशन हासिल की। रेस में, नॉरिस ने सैन्ज़ के साथ नेतृत्व का आदान-प्रदान किया और 13वें लैप पर आगे चल रहे थे। जब पीछे हैमिल्टन थे और बारिश तेज़ हो रही थी, नॉरिस ने एक जुआ खेला: उन्होंने ड्राई-वेदर टायरों पर ही बने रहने का फैसला किया।
हैमिल्टन इंटरमीडिएट टायरों के लिए पिट में गए। नॉरिस ने नहीं किया। यह एक ऐसी रणनीति थी, जो अगर सफल होती तो उन्हें हीरो बना देती, लेकिन रेसिंग में कभी-कभी किस्मत भी साथ नहीं देती। बारिश इतनी तेज़ हुई कि नॉरिस ट्रैक से फिसल गए। हैमिल्टन ने ओवरटेक किया, और जब नॉरिस देर से पिट में आए, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वह सातवें स्थान पर रहे। यह जीत की दहलीज पर पहुंचने के बाद हारने का एक क्रूर और दुखद अनुभव था।
इसके अलावा, 2021 मोंज़ा (Monza) की घटना भी दर्दनाक थी, जहां उन्होंने टीम के आदेशों के कारण अपने साथी डेनियल रिकियार्डो से पीछे रहकर दूसरा स्थान हासिल किया। नॉरिस को कई मौकों पर खराब कार विश्वसनीयता, दुर्घटनाओं और उन ड्राइवरों को ग्रिड में आगे बढ़ते हुए देखने का दर्द झेलना पड़ा, जिन्हें वह जूनियर करियर में हराया करते थे।
इंतज़ार हुआ खत्म: मियामी 2024 और 16 पोडियम का रिकॉर्ड
जिस पल का इंतजार सालों से था, वह 2024 में आया। मियामी ग्रांड प्रिक्स में, नॉरिस ने पांचवें स्थान से शुरुआत की। रेस के दौरान सेफ्टी कार की टाइमिंग उनके पक्ष में रही, और इस मौके को उन्होंने पूरी तरह भुनाया। उन्होंने मैक्स वेरस्टैपेन को हराकर अपनी पहली F1 रेस जीती।
उनकी यह पहली जीत लगभग चार साल बाद आई। इस जीत ने उन्हें एक अनचाहा रिकॉर्ड भी दिया: F1 में अपनी पहली जीत अर्जित करने से पहले सबसे अधिक पोडियम (16) हासिल करने का रिकॉर्ड। यह आंकड़ा उनके धैर्य और लगातार शीर्ष पर बने रहने की क्षमता को दर्शाता है, भले ही जीत उनसे दूर भाग रही हो।
2025: वह सीज़न जिसने इतिहास रचा
2025 सीज़न नॉरिस के लिए एकदम सही शुरुआत लेकर आया, जब उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ग्रांड प्रिक्स में पोल से शुरुआत की और रेस जीती। यह वर्ष उतार-चढ़ाव से भरा था, जिसमें उन्हें अपने ही टीम के साथी ऑस्कर पियास्त्री (Oscar Piastri) से कड़ी टक्कर मिली। सऊदी अरब ग्रांड प्रिक्स में पियास्त्री ने अस्थायी रूप से चैंपियनशिप का नेतृत्व संभाला।
लेकिन नॉरिस ने हार नहीं मानी। मोनाको, ऑस्ट्रिया, अपने घरेलू ग्रांड प्रिक्स सिल्वरस्टोन, और हंगरी में जीत दर्ज करने के बाद, मेक्सिको में एक और जीत ने उन्हें चैंपियनशिप की बढ़त वापस दिला दी।
हालांकि लास वेगास में एक डिसक्वालिफिकेशन (DQ) के कारण वेरस्टैपेन को चैंपियनशिप में वापसी का मौका मिला, लेकिन नॉरिस अपनी बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहे। 2025 F1 विश्व चैंपियनशिप का ऐतिहासिक ताज उन्होंने अबू धाबी में रेस में तीसरे स्थान पर रहकर सुनिश्चित किया। यह जीत न केवल नॉरिस के लिए, बल्कि मैकलारेन टीम के लिए भी एक पुनरुत्थान का प्रतीक है। वर्षों के संघर्ष, तकनीकी विफलताओं, और दिल तोड़ने वाली हार के बाद, लैंडो नॉरिस अब फॉर्मूला 1 के शीर्ष पर खड़े हैं।
